In astrology every planets resembles some quality and strongest of the planet reflects that quality, if sun is the strongest ,people will posses truth as the best quality - Brihat Samhita.
D-24 चतुर्विंशांश और विद्या — शिक्षा, अध्ययन और ज्ञानार्जन का ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक ज्योतिष में शिक्षा और ज्ञान को समझने के लिए केवल जन्मकुंडली के चतुर्थ और पंचम भाव को देखना पर्याप्त नहीं माना जाता। D-24 चतुर्विंशांश , जिसे सिद्धांश भी कहा जाता है, शिक्षा, विद्या, अध्ययन, बौद्धिक विकास और ज्ञान के क्षेत्र में व्यक्ति की विशेष क्षमता को सूक्ष्म रूप से समझने के लिए महत्वपूर्ण वर्ग-कुंडली है। यदि D-1 से हम यह देखते हैं कि व्यक्ति के जीवन में शिक्षा और ज्ञान की मूल संभावना कैसी है, तो D-24 के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जा सकता है कि उस विद्या की गुणवत्ता क्या होगी, व्यक्ति किस प्रकार के ज्ञान की ओर आकर्षित होगा और ग्रहों की सूक्ष्म स्थिति उसकी बुद्धि तथा अध्ययन की दिशा को किस प्रकार प्रभावित करेगी। इस संदर्भ में D-24 में ग्रहों का विभिन्न अंशों और देवता-संबंधित विभागों में जाना विशेष महत्व रखता है। जिस देवता के अंश में कोई ग्रह स्थित होता है, उस देवता से संबंधित प्रतीकात्मक गुणों को ग्रह के कारकत्व के साथ जोड़कर व्यक्ति की शिक्षा और ज्ञान की प्रकृति को समझने का प्रयास ...
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